JDU में आज हो सकती है दो फाड़,शरद यादव ने कहा हम है असली JDU, EC में देंगे अर्जी

जनता दल यूनाइटेड में दो फाड़ होती दिख रही है. सूत्रों की माने तो  शरद यादव चुनाव आयोग जाकर जेडीयू पर अपना दावा पेश करेंगे. दरअसल जेडीयू से बागी हुए शरद यादव को जिस तरह से ‘साझी विरासत बचाओ सम्मेलन’ में विपक्ष का समर्थन मिला, उससे उनके हौसले बुलंद हैं. इसी वजह से शरद ने नीतीश कुमार के आवास पर हुई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में शामिल न होकर पटना के कृष्ण मेमोरियल हॉल में अपनी अलग बैठक बुलाई है.

जेडीयू नेता केसी त्यागी  क्या  कहते हैं

‘नीतीश कुमार को सभी 15 राज्य इकाइयों का समर्थन प्राप्त है. शरद यादव चुनाव आयोग जा रहे हैं तो जाए, पूरी पार्टी नीतीश कुमार के साथ है.’ इसके साथ ही उन्होंने कहा कि शरद यादव को कांग्रेस और भ्रष्ट आरजेडी गुमराह कर रही है, वे ही समांतर बैठक के लिए उनकी मदद कर रही है.

NDA में शामिल होने पर निर्णय होगा, अगर 27 को वो आरजेडी की रैली में लालू के साथ दिखाई देंगे फिर शरद यादव कार्रवाई की जाएगी. कार्यकारिणी में 20 से ज्यादा राज्यों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं. कार्यकारणी में कुल 64 सदस्य हैं.

शरद यादव ने भी भरपूर समर्थन का दावा किया

शरद समर्थक अरुण श्रीवास्वत कहते है,  हम असली जनता दल है. हम दावा करने के लिए लड़ाई करेंगे. हमारे पास ज्यादा समर्थन है. बिहार से बाहर नीतीश को किसी का समर्थन नहीं है. ये वो बीजेपी नहीं है, जिससे हमने गठबंधन किया था. हम मंदिर और आर्टिकल 370  पर समझौता नहीं कर सकते. अगर लालू भ्रष्टाचारी थे, तब नीतीश ने चुनाव जीतने के लिए उनसे हाथ क्यों मिलाया?

अली अनवर का दावा है किया है की  इस जन अदालत सम्मेलन में नीतीश कुमार के बीजेपी के साथ गठबंधन से नाराज जेडीयू के कई नेता भी शामिल होंगे. सूत्रों की मानें तो जैसे मुलायम सिंह यादव ने समाजवादी पार्टी पर अपने वर्चस्व को लेकर चुनाव आयोग में दावा किया था, वैसे ही दावा पेश करेंगे शरद यादव,

इसमें फर्क सिर्फ इतना है कि जब मुलायम सिंह यादव ने समाजवादी पार्टी पर अपने वर्चस्व का दावा किया था, तब कांग्रेस मुलायम सिंह यादव के खिलाफ और अखिलेश यादव के पक्ष में खड़ी थी और आखिर में फैसला अखिलेश यादव के पक्ष में आया था,

जेडीयू पर वर्चस्व की लड़ाई में बीजेपी और कांग्रेस के बीच तीखी बयानबाजी देखने को मिलेगी. साथ ही चुनाव आयोग में बीजेपी और कांग्रेस के कानून के जानकारों के बीच आरोप-प्रत्यारोप की चुटीली नोकझोंक का नजारा देखने को भी मिलेगा. असल में शरद यादव के समर्थकों का कहना कि साल 1999 में नीतीश कुमार और जार्ज फर्नाडिस ने अपने राजनैतिक फायदे के लिए अपनी समता पार्टी का विलय शरद यादव की जेडीयू में किया था.

इसलिए शरद यादव के समर्थकों का यह भी कहना है कि शरद यादव ही जेडीयू के असली उतराधिकारी हैं.

 

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